Monday, 18 August 2025

किस्मत की ये लकीरें.....!












समय दर समय निकलता रहा ,दिन पर दिन यूँ ही गुज़रता रहा। 
वो अपने अंदाज़ में ज़िंदगी जीते रहा, वो अपने अंदाज़ में ज़िंदगी जीते रहा। 
हम ता उम्र उनका ही इंतज़ार करते रहे। 

ऐ दोस्त

मुझे पता था, इश्क़ में हमेशा अधूरी थी लकीरें, 
सोचा था, शायद बदलूंगा मैं अपनी किस्मत से ये लकीरें। 








Monday, 9 September 2024


    कम्बख़त इश्क़.......!









वो बेरुखी की चादर ओढ़े बैठें रहे, हम इश्क़ में बाहें खोले बैठें रहे।

वो बेरुखी की चादर ओढ़े  बैठें रहे, हम इश्क़ में बाहें खोले बैठें रहे।।

.......ऐ दोस्त .......

वो हाँ ना, हाँ ना, करते रहे। वो.... हाँ ना, हाँ ना, करते रहे,
हम भी कम्बख़त उनके इश्क़ में थे।
तो हम भी उनके पीछें - पीछें चलते रहे।।













Friday, 16 August 2024


कैसी ये राहें......!






ताउम्र मेरे साथ देने की चाह में कई लोग मेरे साथ मेरे बन कर चल दिए.......
ताउम्र मेरे साथ देने की चाह में कई लोग मेरे साथ मेरे बन कर चल दिए.......
.........ऐ दोस्त.......
कुछ लोग राह में बदल गए, और कुछ लोग तो राह ही बदल दिए.....!










Tuesday, 13 August 2024

 

बढ़ती दूरियाँ......!




मैं तुम्हें तुम्हारे तौर-तरीकों से दूर नहीं हो रहा हूँ

.........ऐ मेरी जान ........

मैं तुमसे इसलिए दूर हो रहा हूँ कि तुम मुझसे दूर रह कर खुश रहो।















Monday, 22 July 2024

ज़िंदगी से कश्मक़श .......!





अर्ज़ है ........! 

सोच में एक ख्याल आया था...... कि जैसा चाहा था, वो कभी मुझे मिल न सका........!

हर बार चीजें बदलती रही......हालातों से मैं लड़ता रहा, 

न मुझे कोई समझ सका और न मैं अपनी चीजें समझा सका.......!






Saturday, 13 July 2024

 

ज़िंदगी की दौड़......!



कुछ कहना था ,कुछ सुनना था।

कुछ बताना था, कुछ समझना था।  

.....ऐ ज़िंदगी.....

ज़िंदगी की दौड़ में, उसे अपने साथ आगे बढ़ाना था। 







Friday, 12 July 2024


न समझ इश्क़...!



कहने को तो बहुत कुछ है, पर समझने वाला नहीं है। 

बताया भी बहुत कुछ है, पर कोई समझा नहीं। 

......ऐ मेरी जान......

कहने को तो इश्क़ है, पर कभी बताया नहीं। 







Saturday, 4 May 2024


वक़्त और हालात....!




वक़्त की लात कुछ ऐसी पड़ी मुझे, जो अपने थे वो पराये हो गए, 

समझ न सके जज़्बात मेरे और गुस्से में मेरे खिलाफ हो गए, 

ये तो अच्छा है न     ....ऐ दोस्त .....

कि उनका गुस्सा मुझसे ज़्यादा प्यारा है उन्हें।











बेइंतहा इश्क़ ......!





मुझे पता है कि हम मिल नहीं सकते, 

एक होकर भी कभी एक साथ हो नहीं सकते.

इश्क़ तो बेइंतहा है तुमसे,

ऐ मेरी जान......! 

 मगर तुम मेरे होकर भी कभी मेरे हो नहीं सकते.....!











Wednesday, 20 March 2024



वहम.....!





 वो मेरा वहम ही था शायद , जो वहम ही रह गया , 

मैंने अपनी औकात देखीं नहीं और आपसे इश्क़ हो गया, 

ऐ मेरी जान......!

मैं आपके इश्क़ के भ्रम में रहा और अपनी औकात भूल गया..





Tuesday, 12 March 2024

 किस्मत-ऐ-दास्तां......! 






कभी मिले जो मौत से किसी राह में, तो सुनाएंगे अपनी किस्मत-ऐ-दास्तां उसे,

 दर्द होगा शायद उसे, पर हस्ता जाऊंगा मैं, 

क़िस्मत मान कर अपनी, बस चलता चला जाऊंगा उसके साथ में मैं। 










Thursday, 7 March 2024

    

       

अज़ब इश्क़ है तेरा ........ ! 





जब दूर थे, तब पास आने की क़ोशिश कर रहे थे, 

जब पास थे, तो दूर जाने की क़ोशिश करते रहे। 

अज़ब इश्क़ है तेरा, ...............ऐ मेरी जान........ ! 

लोग इश्क़ करते है रिश्तें बनाने के लिए, 

आपने इश्क़ कर लिया फासलें बनाने के लिए।। 






Wednesday, 6 March 2024



        बेज़ुबाँ इश्क़..... ! 




जब भी तड़पे बताया मैंने ,जब भी रोये अपना दर्द जताया मैंने।

ऐ मेरी जान......!

 अब आपको न तड़प बतायेगे न , और न दर्द जताएंगे ।

बस यूँ ही चुपचाप आपकी जिंदगी से निकलते चले जायेंगे।।







Saturday, 2 March 2024


नादान इश्क़ ...!





हम नादान थे, नादान ही रह गए, वो अंज़ान से, होशियार हो गए. 

हम उनके मोह में बदनाम हो गए , वो ये जान कर और अंज़ान हो गए.




Monday, 19 February 2024

 


अजब इश्क़.....!





 बड़ा अजब इश्क़ है मेरा,

मैं करता हूँ पूरा, 

पर रहता है हमेशा अधूरा। 







Saturday, 17 February 2024

         इश्क की लत ......!







मैं हर क़दम पर उसका साथ निभाता रहा. वो भी कुछ क़दम साथ चलती रही.

कभी धीमें - कभी  तेज़, कभी ऊपर - कभी नीचे.

बस ज़िन्दगी ऐसे ही हमारी चलती रहीं।

न वो कुछ समझ सके, न उनसे कुछ कह सके हम,  

बस ऐसे ही उनके इश्क़ में उलझते रहे हम। 






Monday, 1 January 2024

 

बढ़ती दूरियां.....!






मेरा वक़्त हो रहा है जानें का, 

उनका वक़्त नहीं ख़त्म हो रहा हैं मुझे आज़माते रहने का। 

दूरियां बढ़ रही हैं धीऱे - धीऱे ,

 ...... मेरी जान ......  

क्या कभी आपको भी फ़र्क पड़ेगा मेरे होने या न होने का।








Monday, 25 December 2023

मेरी क़ोशिशे.....!





 मैं क़ोशिशे करता रहता हूँ उनको पाने की, वो आज़माइशे करते रहते है मुझसे दूर जानें की। 

कभी वक़्त मिले मेरे बारे में सोंचने का, 

.... मेरी जान.... 

तो बस इतना ही याद ऱखना कोई था, जो क़ोशिश करता रहता था सिर्फ़ मुझें समझनें की।। 




Friday, 22 December 2023

             फ़र्क नहीं पड़ता.....!








उनको फ़र्क नहीं पड़ता मेरे होने या न होने से,

एक और साल बीत जाएगा एक तरफ़ा इश्क़ करते - करते,

उन्हें क्या ही फ़र्क पड़ेगा मुझे खोने से, 

इसलिए ख़ुद से कुछ वायदे कर रहा हूँ ,ये साल ख़त्म होते होते।




Monday, 4 December 2023

 

क़िस्मत का अफ़साना...!






मैं बसाना चाहता हूँ अपनी ज़िंदगी में तुझे, हमेशा चपकाये रखना चाहता हूँ अपनी बाँहों में तुझे,

ये मेरी हसरतें पूरी होंगी भी या नहीं, ये पता नहीं मुझे, 

कभी क़िस्मत साथ नहीं होती मेरे और कभी तुम पास नहीं होती मेरे।








            इश्क़ का फूल ....!






हम वो फूल है जो अपनों की ख़ुशी के लिए ख़ुद को मुरझाना जानते हैं।

हम तो......, वो फूल है जो अपनों की ख़ुशी के लिए ख़ुद को मुरझाना जानते हैं,

और इश्क़ में तो ....मेरी जान... टूट कर बिखरना जानते हैं।।




Wednesday, 29 November 2023



           इश्क़ की झलक....!




मेरा ख़ुशी का ठिकाना न रहा जब इश्क़ ने मोहब्बत को देखने की इक्छा ज़ाहिर की। 

हम तो फ़ना हो गए इश्क़ में ,जब उनकी हल्की सी झलक मेरी नज़रों के सामने दिखाई दी।




Saturday, 25 November 2023

          

              दर्द से रूबरू....!






हम दर्द से रूबरू होते रहे, वो दर्द से वाक़िफ़ होकर भी नज़रअंदाज़ करते रहें । 

हम दोनों इश्क़ में है ये जानते हुए भी...हम दोनों इश्क़ में है ये जानते हुए भी । 

वो हर बार बेरुख़ी करते रहें ।






Wednesday, 22 November 2023

        सफ़रनामा...!





ज़िंदगी रूठती है मैं मनाता हूँ, मोहब्बत में उसका नाम गुनगुनाता हूँ। 

कभी कभी रूठता हूँ कभी सुनाता हूँ मोहब्बत के इस सफ़र में सिर्फ तुमको ही चाहता हूँ।। 





Saturday, 4 November 2023

 

        इश्क़ की आज़माइशें .... !




वो हर राह पर आज़माते रहे हमे, कभी अंदर, कभी बाहर से प्यार जताते रहे हमे..... 

वो हर राह पर आज़माते रहे हमे,

 कभी अंदर, कभी बाहर से प्यार जताते रहे हमे। 

वो धीरे-धीरे अपनी ज़िन्दगी से, मिटाते रहे हमे।।








Friday, 27 October 2023

 

                तेरा नशां ... !

             



काफ़ी अरसे बाद बात हुई उनसे, मुलाकात तो नहीं, पर उनके जज़्बात बयां हुए हमसे।

वो इश्क़ में है उनको ख़बर भी है मोह्हबत के नशें से बेख़बर भी है।





उनको मोह्हबत में अपनी तड़प का अंदाज़ा है, मोह्हबत में उनको मेरा ,मेरा उनका तकाजा है। 

वो इश्क़ करना चाहते है बड़े अदब के साथ, हम उनसे इश्क़ निभाना जानते है मोह्हबत के साथ।।  





Friday, 20 October 2023


             मेरे उसूल, मेरा इश्क़ .....!





 उसूलों का पक्का हूँ, वादों का सच्चा हूँ।

जो बोलता हूँ वो करता हूँ, आपको पाने के लिए हर दर्द सहता हूँ।

जिसको ज़माना कहता है इश्क़।

....मेरी जान....

वही मैं सिर्फ आप से करता हूँ।










         हुस्न की गुस्ताख़ निगाह....!




 गुस्ताख़ निगाह आपकी थी, इल्ज़ाम हम पर लगे |

हम इश्क़ में थे, इसलिए इंतज़ार करते रहे ||

मुझको ख़बर भी न हुई, ....मेरी जान....

कि आप पहले ही वादें तोड़ फ़रार होने को निकल पड़े ||









Monday, 16 October 2023


                     ख़ुदग़र्ज इश्क़...!




हम इश्क़ में थे वो ख़ुदग़र्ज समझ बैठें,

हम इश्क़ में थे वो ख़ुदग़र्ज समझ बैठें,

 हम दर्द में थे वो बेदर्द समझ बैठें,


उसने कहा वक़्त के साथ सारे ज़ख़्म ठीक हो जाते है,

हमने भी उनसे कह दिया तुम कहते हो तो मान लेते है....

 ".....मेरी जान....." 

मग़र मोह्हबत में लगे हर ज़ख़्म वक़्त के साथ ठीक तो नहीं पर नासूर ज़रूर हो जाते है। 









Thursday, 5 October 2023



तेरे इंतज़ार में.....!






हमने राते गुज़ार दी तेरे इंतज़ार में ,

हमने सोना भी छोड़ दिया तेरे प्यार में ,

अब नींद भी नहीं रहीं इन आँखों में,

एक अज़ब सी क़शिश थी तेरे बातों - बातों में किये गए इज़हार में,

और फिर इंकार में, अब यही याद कर-कर गुज़ार रहा हूँ दिन, सिर्फ़ तेरे इंतज़ार में...